लेखनी कहानी -26-Dec-2021 मेरी डायरी
मेरी डायरी
दिनांक - 26/12/21
दिन - रविवार
मेरी डायरी में सितंबर का महीना, सितंबर में मैनें अपना असाइनमेंट जो 2 बाकी रह गया था, सब पूरा करवाया और सबमिट कर दिया, इस महीने भूले भटके थोड़ा पढ़ाई भी किया और एक पेपर कम्पलीट किया, पर प्रैक्टिस बाकी ही रहा, इस महीने काफी ज्यादा तबियत खराब रही।
इस महीने मैनें कॉलिंग वाला काम भी छोड़ दिया, और राहत की सांस ली। इस महीने मैनें अपनी एक आंटी जो वैसे तो हमारी कोई लगती नहीं थी(मतलब खून का रिश्ता तो नहीं था) पर अपनो से ज्यादा अपनी थी मेरे पूरे परिवार के लिए, उन्हें हमेसा के लिए खो दिया। वैसे खोया नहीं क्योंकि हमारे यादों में हमारे दिल में तो आज भी हमारे साथ है, पर अब इस दुनिया में नहीं है।
२० जुलाई अचानक उनकी तबियत खराब हो गयी थी, और तब से वो हॉस्पिटल में एडमिट थी। २३ सितंबर २०२१ रात के १२:३८ बजे उन्होनें अपनी आखरी सांसे ली और इस दुनियाँ से दूर चली गयी। हालांकि मुझे यह बात २४ सितंबर को सुबह में पता चला, घर में सबको पता चल चुका था, पर रात में मुझे किसीने नहीं बताया, हालांकि उस दिन पूरी रात मैं सो नहीं पाई थी, मन थोड़ा बेचैन था। और २४ सितंबर को सुबह हॉस्पिटल से उनकी बॉडी को लाया गया और फिर उनके अंतिम संस्कार की सारी विधि को पूरा किया गया।
शायद मैं इस बात को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पा रही थी, एक झटका सा लगा था मुझे, और उसी दिन मेरी तबियत खराब हो गयी, तेज़ बुखार आ गया उसी दिन रात में, और २६ को तो 105℃ फीवर हो गया था, जो मेडिसिन लेने पर भी नहीं उतर रहा था, और घर में भी कोई नहीं था उस दिन बस मेरी माँ और मैं हम दोनों ही थे घर पर, भईया भाभी लोग भी बाहर गए हुए थे, ऐसे में फ़ोन कर बताती तो वो लोग भी परेशान हो जाते, पर फीवर ज्यादा था, इसलिए कॉल तो किया माँ ने, पर मैनें मना कर दिया बताने से बस इतना ही बताया कि फीवर है।
फिर मैनें अपने डॉक्टर को कॉल किया, माँ ने उनको बताया मेरी तबियत के बारे में, उस दिन वो भी बाहर गए हुए थे, उन्होनें बोला उनके आने में तो रात के 8-9 बज जायेगें, पर उन्होनें फ़ोन पर थोड़ा गाइड किया, और माँ ने वो सब किया, पर किसी भी तरह से फीवर नहीं उतरा, पर हाँ लगातार बर्फ़ से हाथों और पैरों के तलवों में रगड़ने से और सिर पर ठंढ़ी पट्टी देने से फीवर 103℃ हो गया, और साथ में काढ़ा भी लिया, पर पूरी तरह फीवर अभी भी नहीं उतरा था। खैर साम में भईया भाभी लोग आ गए थे, भईया के सिर में दर्द हो रहा था तो आते ही वो सो गए, हमने भी कुछ नहीं बोला क्योंकि फीवर पहले से कुछ कम था।
पर थोड़े ही देर में मेरी बीपी बहुत डाउन हो चुकी थी, सुबह से फीवर के कारण कुछ खाया भी नहीं था, अब मेरी हिम्मत जवाब दे रही थी, मैनें माँ को बोला फिर माँ ने डॉक्टर को फ़ोन किया, उन्होनें बोला उन्हें आने में आधा घंटा और लगेगा, हिम्मत तो नहीं हो रही थी पर फिर मैनें खुद उनसे बात की सारा बात बताया, उन्होनें बोला स्वाती मुझे आने में तो आधा घंटा और लग जायेगा, एक काम करो पहले आप बीपी चैक करके बताओ मुझे, मैनें माँ को बोला माँ ने बीपी चैक किया बीपी कुछ ज्यादा ही कम थी 62/54 के आस-पास तब उन्होनें बोला wait मत करो और saline चढ़वा लो, और साथ में कुछ चीज़ें बताई जो लेने को कहा, मैनें ले लिया फिर भईया को बोला भईया ने एक कंपाउंडर जो घर के पास ही रहते है, उन्हें कॉल किया बुलाया, फिर डॉक्टर से उन्होनें बात किया फिर saline लगा दिया, और कुछ मेडिसिन भी दिया।
मेडिसिन भी ले लिया मैनें saline भी चढ़ा, पर बीपी अभी भी बहुत कम था, पर अब पहले से थोड़ा ठीक लग रहा था। आज लेखनी में open mic भी था, जिसे मैनें मिस कर दिया, थोड़ा बुरा लग रहा था, खैर कोई बात नहीं फिर कभी, बस सितंबर तो ऐसे ही बीत गया।
पर इस महीने मुझे लेखनी से बहुत कुछ मिला था, कहने का मतलब है की, इस महीने लेखनी से बहुत से रिश्ते मिले थे, जैसे रवि भैया, नीरज भैया, आलिया दी, अपूर्वा मैम, लिप्सा, नताश सर्,सोनिका जी सब एक फैमिली के जैसे हो गए थे, मतलब लेखनी से मुझे बड़े भैया, दीदी, फ्रेंड, छोटी सिस्टर बहुत कुछ मिला था।
तो कुछ खोया कुछ पाया के साथ यह महीना भी बीत गया।
तो बस अब फिर मिलते है मेरी डायरी के अगले भाग में, अक्टूबर की यादों के साथ तब तक के लिए अलविदा।
🖋️स्वाती चौरसिया
#डायरी
#लेखनी डायरी
PHOENIX
22-Dec-2022 04:52 PM
लेखनी तो लेखनी ही है।
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Dr. Arpita Agrawal
24-Jun-2022 06:21 AM
सच में, जीवन कुछ खोने और कुछ पाने का हीं नाम है। 👌👌👌
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Swati chourasia
24-Jun-2022 10:39 AM
Thank you ma'am 🙏😊
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🤫
27-Dec-2021 09:19 PM
Ma'am, sach me bahut himmat h आपमे, kitani mushkile aai, kisi se kuch bhi shere nahi kiya bas khud me sab Saha, apaki himmat vakai kabile tareef h, behad shanadar safar raha , aap theek h jankar prasannata hui.
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Swati chourasia
27-Dec-2021 09:24 PM
Thank you ma'am 💓💓
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